केंद्रीय बजट 2025-26 पूरी तरह दिशाहीन और आम जनता को निराश करने वाला - दिनेश कुमार पटेल

 

रिसाली, 03.02.2026

ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी रिसाली, श्री दिनेश कुमार पटेल ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2025-26 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे जनविरोधी और विकास विरोधी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आम आदमी की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है, बल्कि देश की आर्थिक सेहत के लिए भी चिंताजनक संकेत दे रहा है।

बजट के मुख्य बिंदुओं पर पटेल का प्रहार:

बाजार का अविश्वास: श्री पटेल ने कहा कि बजट के दिन ही शेयर बाजार का 1546 अंक (सेंसेक्स) और 495 अंक (निफ्टी) गिरना यह साफ दर्शाता है कि विभिन्न सेक्टरों के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। 6 साल बाद बजट के दिन हुई यह सबसे बड़ी बिकवाली निवेशकों के डर को उजागर करती है।

किसान और रोजगार की अनदेखी: किसानों की आय बढ़ाने के बड़े-बड़े दावों के बीच एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी या नई क्रेडिट स्कीम का न होना किसानों के साथ छलावा है। वहीं, युवाओं के लिए रोजगार सृजन (Job Creation) या उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए किसी ठोस योजना का जिक्र तक नहीं है।

आम जनता पर बोझ: श्री पटेल ने रोष व्यक्त किया कि दाल, तेल और दवाओं जैसी बुनियादी चीजों पर जीएसटी (GST) दरों को कम करने की कोई घोषणा नहीं की गई। लोअर और मिडिल क्लास के लिए सब्सिडी या किसी नई राहत योजना का अभाव है।

इनकम टैक्स में राहत नहीं: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न कर सरकार ने मध्यम वर्ग को निराश किया है। साथ ही, फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाकर छोटे निवेशकों की कमर तोड़ दी गई है।

रक्षा और व्यापार नीति में विफलता: डिफेंस सेक्टर और मेटल सेक्टर के लिए कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिखी। अमेरिकी टैरिफ (ट्रम्प प्रशासन) के खतरों से निपटने के लिए भी बजट मौन है। टैरिफ घटाने की खबरों को श्री पटेल ने केवल 'राजनीतिक संकेत' बताया और कहा कि बिना किसी संयुक्त समझौते के इसे अंतिम नहीं माना जा सकता।

निष्कर्ष:

दिनेश कुमार पटेल ने कहा कि बजट पूरी तरह से आम जनता को हतोत्साहित करने वाला है। इसमें न तो भविष्य की कोई स्पष्ट दृष्टि है और न ही वर्तमान समस्याओं का समाधान। रिसाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी इस जनविरोधी बजट की पुरजोर निंदा करती है।