नई दिल्ली/ब्यूरो:
भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब देश भर के लाखों मछुआरे और मत्स्य पालक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। यह प्रक्रिया नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) के तहत शुरू की गई है।
2026 की सबसे बड़ी अपडेट: क्या है खास?
जनवरी 2026 से लागू नए नियमों के अनुसार, अब केवल पंजीकृत मछुआरों को ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और अन्य राज्य स्तरीय योजनाओं का लाभ मिलेगा। पंजीकरण के बाद प्रत्येक मछुआरे को एक विशिष्ट 'डिजिटल पहचान पत्र' जारी किया जाएगा, जो उनके लिए बैंक लोन और बीमा क्लेम की प्रक्रिया को आसान बना देगा।
CSC केंद्र पर मिलने वाली प्रमुख सेवाएं:
NFDP पंजीकरण: मछुआरों और एक्वाकल्चर से जुड़े लोगों का डिजिटल डेटाबेस में नामांकन।
- एक्वाकल्चर बीमा सब्सिडी: पंजीकृत मछुआरों को फसल बीमा के प्रीमियम पर 40% से 60% तक की छूट सीधे उनके बैंक खाते में मिलेगी।
- KCC आवेदन: मछली पालन के लिए बिना किसी गारंटी के ऋण (Loan) आवेदन की सुविधा।
- ट्रेनिंग और स्किलिंग: आधुनिक तकनीकों जैसे 'बायो-फ्लॉक' और 'आरएएस' (RAS) के लिए सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रवेश।
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण (Passbook)
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- व्यवसाय का विवरण (जैसे नाव का प्रकार या तालाब का आकार)
यह पहल न केवल मछुआरों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि भारतीय मत्स्य क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
- अपना नजदीकी केंद्र ढूंढें: CSC Locator000
- योजनाओं की विस्तृत जानकारी: PMMSY Official Website