इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर पंडुम 2026 जनजातीय परंपराओं, लोककला और सांस्कृतिक गौरव का जीवंत उत्सव है, जो बस्तर की पहचान को नई ऊँचाइयां प्रदान करेगा।
बस्तर पंडुम–2026 का आयोजन 10 जनवरी से 5 फरवरी तक तीन चरणों में जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर किया जाएगा।
इस वर्ष उत्सव को और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की गई है, जिससे बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को वैश्विक पहचान मिलेगी।
